कैसे कर सकते हैं अफीम की खेती , कैसे मिलेगा लाइसेंस
कैसे करें अफीम की खेती कैसे मिलेगा बीज और लाइसेंस पूरी जानकारी
दोस्तों जैसा कि आप लोग जानते हैं की अफीम एक नशीला पदार्थ है जो कि आसानी से कहीं पर भी उपलब्ध नहीं होता है आज मैं आपको बताऊंगा कि आप लोग कैसे अफीम की खेती कर सकते हैं कैसे मिलेगा अफीम की खेती करने का लाइसेंस, कौन कौन सी चुनौतियां आती हैं इसका बीज कैसे मिलेगा सब कुछ आज हम इस आर्टिकल में कवर करनेवाले हैं तो चलिए शुरू करते हैं
अफीम की खेती करने का समय
अफीम की खेती ठंड के मौसम में की जाती है इसकी फसल अक्टूबर या नवंबर में लगाई जाती है इसकी खेती करने से पहले आप लोगों को कुछ चीजों का ध्यान रखना है खेत को तीन चार बार जोत लेना चाहिए, खेत में पर्याप्त मात्रा में गोबर की खाद डाल देनी चाहिए अगर जहां तक हो सके तो आप लोगों को अपने खेत की मिट्टी की जांच करवा लेनी चाहिए जिससे आपको पता लग जाएगा कि आपके खेत में कौन कौन से पोषक तत्वों की कमी है। यह काम करवाना अनिवार्य इसलिए है क्योंकि आपको इसमें न्यूनतम सीमा तक पैदावार करनी है।
कैसे मिलेगा लाइसेंस और बीज
अफीम की खेती करने के लिए सबसे पहले आपको बीज और लाइसेंस लेने की आवश्यकता होती है इसका लाइसेंस भी हर जगह खेती के लिए अनिवार्य नहीं होता है कुछ चुनिंदा जगह पर ही दिया जाता है। वहां सबसे पहले आपको यह भी डिसाइड करना पड़ेगा। कि आप कितने खेत में यह फसल करने को तैयार है। अफीम की खेती का लाइसेंस वित्त मंत्रालय की तरफ से दिया जाता है। यह खेती करने के लिए कुछ शर्तें भी होते हैं उन शर्तों का आपको पालन भी करना पड़ेगा तभी आप इसकी खेती कर पाएंगे।
लाइसेंस और अफीम की खेती से जुड़ी जानकारी के लिए क्राइमब्यूरो आफ नारकोटिक्स की वेबसाइट देख सकते हैं। वहां आपको सारी जानकारी उपलब्ध होगी।
अफीम कई प्रकार की आती है जैसे अफीम 16, जवाहर अफीम 539, और जवाहर अफीम 540 जैसी अफीम की खेती काफी प्रचलित है अगर आप भी अफीम की खेती करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको लाइसेंस लेना होगा। बिना लाइसेंस के आप एक पौधा भी नहीं उगा सकते नहीं तो आपके ऊपर कानूनी कार्रवाई होगी।
कैसे होती है हार्वेस्टिंग
अफीम को बोने के बाद 3 से 4 महीने में फूल आने लगते हैं धीरे धीरे फूल झड़ जाते हैं और डोडे उग जाते हैं इन डोडो में ही खास तरीके से चीरा लगाया जाता है। इसके बाद डोडो में से खास तरह का पदार्थ निकलता है जो रात भर निकलता रहता है और सुबह धूप निकलने से पहले उसे जमा कर लिया जाता है और यह प्रक्रिया तब तक होती रहती है जब तक डोडो में से यह तरल पदार्थ निकलना बंद नहीं हो जाता। जब तरल पदार्थ निकलना बंद हो जाता है तब डोडो को सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है
जब डोडे सुख जाते हैं तो फिर उसे तोड़कर उसके बीज निकाल लिए जाते हैं और उसे बाजार में बेच दिया जाता है इस बीज को किचन में मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
कौन कौन सी चुनौतियां आयेंगी
अफीम की खेती करना कोई आसान बात नहीं है इसकी खेती करने में बहुत ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ता है सबसे पहले तो आपको लाइसेंस लेने में काफी समय लग जाएगा और सरकार के तरफ से इसकी कीमत भी कम दी जाती है


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